बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में नौकरी दिलाने और ट्रांसफर कराने के नाम पर कथित ठगी के मामलों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा से निष्कासित पूर्व जिला महामंत्री कृष्ण अवस्थी और उनके पुत्र प्रणव अवस्थी पर लोगों से रकम लेने के आरोप सामने आए हैं। भाजपा ने इसे कृष्ण अवस्थी का व्यक्तिगत मामला बताते हुए उनसे दूरी बना ली है, जबकि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं।
भाजपा ने कहा—मामला व्यक्तिगत, पार्टी का कोई सरोकार नहीं
बलौदाबाजार भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद यादव ने कहा कि कृष्ण अवस्थी का मामला व्यक्तिगत है और इसका भारतीय जनता पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा नौकरी दिलाने, ट्रांसफर कराने या पोस्टिंग करवाने का दावा नहीं करती। यादव के अनुसार, जैसे ही मामला पार्टी के संज्ञान में आया, कृष्ण अवस्थी को निष्कासित कर दिया गया।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति भाजपा का नेता या कार्यकर्ता होने का हवाला देकर नौकरी, ट्रांसफर या पोस्टिंग कराने का आश्वासन देता है, तो उसके झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां निर्धारित नियमों और योग्यता के आधार पर होती हैं।
कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कथित लेनदेन से जुड़े वीडियो का उल्लेख करते हुए पार्टी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि केवल कृष्ण अवस्थी को पार्टी से निष्कासित कर देने से भाजपा अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। उनके मुताबिक, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सामने आए आरोपों पर जवाब दिया जाना चाहिए।
नौकरी के नाम पर रकम लेने के आरोपों से बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, कृष्ण अवस्थी और उनके पुत्र प्रणव अवस्थी के खिलाफ नौकरी दिलाने और अन्य काम कराने के नाम पर रकम लेने की शिकायतें सामने आई हैं। भाटापारा में देशी शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2.09 लाख रुपये लेने के आरोप में भी मामला दर्ज होने की बात सामने आई है। इसके अलावा अन्य शिकायतों और कथित लेनदेन से जुड़े मामले भी चर्चा में हैं।
हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है। पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष इस प्रकरण में महत्वपूर्ण होंगे।
निष्कासन के बाद राजनीतिक बहस तेज
कृष्ण अवस्थी से जुड़े कथित ठगी के मामलों ने जिले में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है। भाजपा इसे निष्कासित नेता का व्यक्तिगत मामला बता रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी की जवाबदेही पर सवाल उठा रही है। अब मामले में पुलिस जांच से सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
