बिलासपुर। देशभर में मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में वंदे मातरम मित्र मंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में रैली निकाली। संगठन के पदाधिकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का समर्थन करते हुए विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए। साथ ही लोगों से मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सहयोग करने और शांति बनाए रखने की अपील की।
ज्ञानेश कुमार के समर्थन में निकाली रैली
बिलासपुर में आयोजित रैली के दौरान वंदे मातरम मित्र मंडल के पदाधिकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में अपनी बात रखी। संगठन का कहना है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने और संभावित गड़बड़ियों की पहचान करने के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया जरूरी है।
रैली के जरिए संगठन ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों का विरोध किया और मतदाता सूची की जांच की प्रक्रिया का समर्थन किया।
SIR प्रक्रिया को लेकर लोगों से की अपील
संगठन के पदाधिकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर कहा कि मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों की पहचान और सुधार के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने मतदाताओं से प्रक्रिया से जुड़ी सही जानकारी हासिल करने और आवश्यक दस्तावेजों के साथ सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से सूची से हट जाता है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करना चाहिए। हालांकि, नाम जोड़ने या हटाने से संबंधित कार्रवाई निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों और सत्यापन प्रक्रिया के अनुसार होती है।
पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची का मुद्दा भी उठाया
रैली के दौरान संगठन ने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में कथित दोहरी प्रविष्टियों और अपात्र लोगों के नाम शामिल होने के आरोपों का भी उल्लेख किया। पदाधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी की जांच की जानी चाहिए और नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
संगठन ने अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान और नियमानुसार कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। ये मुद्दे संगठन की ओर से उठाए गए, जिनकी पुष्टि संबंधित आधिकारिक आंकड़ों और जांच के आधार पर की जानी चाहिए।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर जारी है बहस
देश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। जहां कुछ संगठन इसे मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया बताते हैं, वहीं विपक्ष के कुछ दलों ने इसके क्रियान्वयन और संभावित प्रभावों पर सवाल उठाए हैं।
बिलासपुर में वंदे मातरम मित्र मंडल की रैली इसी बहस के बीच सामने आई। संगठन ने ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के समर्थन में अपनी स्थिति रखी तथा लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की।
