बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सरकारी राशन दुकान से खाद्यान्न की भारी कमी और वितरण से जुड़ी राशि जमा नहीं करने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत टेमरी की शासकीय उचित मूल्य दुकान में जांच के दौरान 527.83 क्विंटल चावल और 21.88 क्विंटल नमक की कमी पाई गई। खाद्य विभाग ने खाद्यान्न की कमी से शासन को हुए नुकसान का आकलन करीब 22 लाख 90 हजार रुपये किया है। मामले में नांदघाट पुलिस ने राशन दुकान का संचालन करने वाले स्व सहायता समूह की अध्यक्ष, सचिव और विक्रेता को गिरफ्तार किया है। तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जांच में 549 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न की कमी
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत टेमरी की शासकीय उचित मूल्य दुकान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया था। जांच के दौरान रिकॉर्ड और उपलब्ध खाद्यान्न के बीच बड़ा अंतर सामने आया। दुकान में 527.83 क्विंटल चावल और 21.88 क्विंटल नमक कम मिला।
खाद्य विभाग के आकलन के मुताबिक, खाद्यान्न की कमी से शासन को कुल 22,90,910.99 रुपये का नुकसान हुआ। इतनी बड़ी मात्रा में राशन कम मिलने के बाद दुकान के स्टॉक, वितरण व्यवस्था और सरकारी रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठे हैं।
खाद्य निरीक्षक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
इस मामले में खाद्य निरीक्षक प्राची केशरवानी की लिखित शिकायत के आधार पर नांदघाट थाने में कार्रवाई शुरू की गई। शिकायत में खाद्यान्न की कमी के साथ-साथ वितरण से संबंधित अग्रिम राशि नागरिक आपूर्ति निगम के खाते में जमा नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
शिकायत के अनुसार, फरवरी 2026 के लिए 44,198.17 रुपये और मार्च 2026 के लिए 21,184.53 रुपये की राशि जमा नहीं कराई गई थी। इसके अलावा, फरवरी से जुलाई 2026 तक के बारदानों का हिसाब और उन्हें गोदाम में जमा करने से संबंधित अनियमितता की बात भी सामने आई।
राशन दुकान की अध्यक्ष, सचिव और विक्रेता गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में स्व सहायता समूह की अध्यक्ष पुष्पा साहू, सचिव नीरा बाई और राशन दुकान के विक्रेता मनीष साहू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
गरीबों के राशन की व्यवस्था पर उठे सवाल
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत पात्र हितग्राहियों को शासन की ओर से निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में उचित मूल्य दुकान में चावल और नमक की इतनी बड़ी कमी सामने आना गंभीर मामला है। खाद्यान्न का स्टॉक, वितरण रिकॉर्ड और सरकारी राशि के लेन-देन की जांच से मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और संबंधित लोगों की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
