रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बहस की चुनौती पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए उन पर तीखा तंज कसा है। अरुण साव ने कहा कि जब आंखों में इटालियन चश्मा लगा हो और मुख्यमंत्री रहते हुए 18 लाख परिवारों को पीएम आवास से वंचित करने का आरोप हो, तो बहस की बात करना उचित नहीं है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने छत्तीसगढ़ के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को कथित तौर पर आवास के लाभ से दूर रखा, उन्हें अब इस मुद्दे पर बहस की चुनौती देने के बजाय गरीबों के हित में काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी जरूरतमंद लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के तेवर पर बोले अरुण साव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हालिया सख्त तेवर को लेकर पूछे गए सवाल पर अरुण साव ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि राज्य के मुखिया होने के नाते जहां लोगों को परेशानी होती है, वहां उनके साथ खड़ा होना और उनकी मदद करना मुख्यमंत्री का कर्तव्य है।
अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने इसे सरकार के ‘सुशासन’ का हिस्सा बताया।
तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए राशि पर क्या बोले?
प्रदेश में तालाबों के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के लिए जारी की गई राशि को लेकर भी उप मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं के तहत तालाबों के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के लिए राशि आवंटित की जाती है।
अरुण साव के मुताबिक, प्रदेश में इन योजनाओं के तहत लगातार काम किया जा रहा है और तालाबों का विकास भी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसी वजह से इस मद में बड़ी राशि स्वीकृत की गई है।
सेवा संकल्प अभियान को लेकर मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी
सेवा संकल्प अभियान को लेकर मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपे जाने पर अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे और तब से मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक अलग-अलग जिम्मेदारियों में देश और जनता की सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत देशभर में 12 अलग-अलग प्रकार के सेवा कार्य किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में भी अभियान को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। संगठन और सरकार मिलकर सभी 12 योजनाओं को लेकर तैयारी कर रहे हैं और संबंधित लोगों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
