कुरुद। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम मरौद में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर डिवाइडर बंद किए जाने को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आवागमन में परेशानी से नाराज ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश तथा समस्या के समाधान के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
डिवाइडर बंद होने से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, एनएचएआई की ओर से डिवाइडर बंद किए जाने के बाद गांव के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को अब करीब 1 से 2 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस व्यवस्था से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
बच्चों, बुजुर्गों और किसानों को हो रही दिक्कत
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि डिवाइडर बंद होने का असर बच्चों, बुजुर्गों और किसानों पर भी पड़ रहा है। स्कूल, बैंक, अस्पताल और पंचायत भवन जैसी जरूरी जगहों तक पहुंचने के लिए लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि डिवाइडर बंद करने से पहले स्थानीय जरूरतों और आवागमन की सुविधा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। इसी समस्या के विरोध में उन्होंने हाईवे पर उतरकर चक्काजाम किया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
चक्काजाम की सूचना मिलने पर कुरुद पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी और पुलिस टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, ताकि यातायात बहाल किया जा सके। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया और वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हुई।
SDM ने समाधान का दिया आश्वासन
मामले की जानकारी मिलने पर कुरुद एसडीएम पीयूष कुमार तिवारी ने ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। प्रशासन के भरोसे के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल चक्काजाम समाप्त कर दिया।
अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि डिवाइडर बंद होने से पैदा हुई आवागमन की समस्या का जल्द समाधान निकलेगा। फिलहाल, संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर बनी हुई है।
