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Sunday, October 25, 2026

मासूम बच्ची की हत्या के बाद भड़का आक्रोश, SP सिद्धार्थ तिवारी को हटाने की उठी मांग

Chhattisgarhमासूम बच्ची की हत्या के बाद भड़का आक्रोश, SP सिद्धार्थ तिवारी को हटाने की उठी मांग

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रजगामार क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण, अनाचार और हत्या की घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। इस जघन्य वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बच्ची को न्याय दिलाने और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग के साथ अब पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आक्रोशित लोगों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की ओर से कोरबा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को पद से हटाने की मांग की जा रही है।

मासूम को न्याय दिलाने की मांग, लोगों में नाराजगी

बच्ची के साथ हुई घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों, वकीलों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों में गहरा दुख और नाराजगी है। लोगों की मांग है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गंभीरता से की जाए, ताकि दोषियों को कानून के तहत कठोर सजा मिल सके।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।

SP सिद्धार्थ तिवारी को हटाने की मांग तेज

घटना के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ नागरिकों और संगठनों के प्रतिनिधियों का आरोप है कि जिले में आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने हत्या, अनाचार, लूट, डकैती और कथित अवैध गतिविधियों का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

हालांकि, पुलिस प्रशासन पर लगाए गए इन व्यापक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसपी को हटाने या उनके खिलाफ किसी प्रशासनिक कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

बच्ची के लापता होने के बाद कार्रवाई पर उठे सवाल

पीड़ित परिवार की ओर से भी बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए और बाद में बच्ची का शव बरामद हुआ।

इसी कथित देरी को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी बढ़ गई है। लोगों की मांग है कि बच्ची के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक की पूरी घटनाक्रम की जांच की जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस की जवाबदेही पर टिकी नजरें

मासूम बच्ची की हत्या के बाद उठ रहा आक्रोश अब न्याय की मांग के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही से भी जुड़ गया है। लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

फिलहाल, एसपी को हटाने की मांग और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों पर राज्य सरकार तथा संबंधित अधिकारियों के अगले कदम का इंतजार है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिकायतों के आधार पर कोई प्रशासनिक कार्रवाई की जाती है या नहीं।

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