रायपुर।
छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक 24 जुलाई को आयोजित की जा रही है। बैठक में समिति के कामकाज की रूपरेखा तय की जाएगी और राज्य में UCC लागू करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा होगी।
सीएम साय ने बताया कि समिति राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं का अध्ययन करेगी। विभिन्न वर्गों और हितधारकों से सुझाव लेने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर UCC का अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा।
कैबिनेट से समिति तक, ऐसे बढ़ी प्रक्रिया
राज्य सरकार ने 15 अप्रैल 2026 की कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद 26 जून 2026 को समिति के गठन का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया और समिति ने अपना काम शुरू कर दिया।
समिति में कौन-कौन शामिल
UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हैं। समिति में रिटायर्ड IAS शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह सदस्य हैं।
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। UCC का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना है। सरकार का कहना है कि इससे न्याय प्रक्रिया सरल होगी और समानता को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार का दावा है कि समिति व्यापक जन-परामर्श के बाद ड्राफ्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा।
यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो छत्तीसगढ़ UCC लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल होने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाएगा।
