नोएडा/नई दिल्ली:
दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में नोएडा की निवासी रुचिका सिंह के खिलाफ स्थानीय एक्सप्रेसवे थाने में मामला (FIR) दर्ज कर लिया गया है।
प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप
दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान की गई विवादित टिप्पणी से देश के प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुँची है। इसके साथ ही, इस बयान को समाज में लोक शांति (Public Peace) को भंग करने की कोशिश बताया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है।
CJP प्रवक्ता ने कार्रवाई को बताया ‘गैर-कानूनी’
वहीं दूसरी ओर, इस कानूनी कार्रवाई पर नागरिक अधिकारों की संस्था CJP (Citizens for Justice and Peace) के प्रवक्ता सौरव दास की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को गैर-कानूनी करार देते हुए कहा:
“इस्तेमाल की गई भाषा गलत हो सकती है, लेकिन इसके लिए आपराधिक तंत्र (Criminal State Machinery) का इस्तेमाल करना और आम लोगों के मन में खौफ़ व डर पैदा करना पूरी तरह से गलत है।”
फिलहाल, इस मामले के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में अभिव्यक्ति की आजादी और संवैधानिक पदों की मर्यादा को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
