रायपुर। छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से आने वाले समय में बड़े पैमाने पर डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान भर्ती प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉक्टरों की भर्ती पर सरकार का फोकस
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार आने वाले समय में बड़ी संख्या में डॉक्टरों की भर्ती करने की तैयारी में है, जिससे सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि राज्य में हाल ही में 525 नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से करीब 1000 डॉक्टरों की भर्ती भी की जा चुकी है। वहीं, नियमित डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
दूरदराज के इलाकों पर भी रहेगी नजर
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डॉक्टरों की कमी वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए नई व्यवस्था विकसित की जा रही है। रायपुर में जल्द ही एक बड़ा स्वास्थ्य केंद्र शुरू किया जाएगा, जहां टेलीमेडिसिन और रेडियोलॉजी जैसी आधुनिक सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत वरिष्ठ और विशेषज्ञ डॉक्टर दूर बैठे ही प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में मरीजों की स्थिति की मॉनिटरिंग कर सकेंगे। जरूरत के अनुसार मरीजों को उपचार और दवाइयों को लेकर सलाह भी उपलब्ध कराई जाएगी।
टेलीमेडिसिन से ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा उन इलाकों को मिलने की उम्मीद है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता कम है। टेलीमेडिसिन के जरिए दूरदराज के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श मिल सकेगा। इससे गंभीर मरीजों की समय पर पहचान और उपचार संबंधी निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक सरकार का मुख्य फोकस प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना है। इसके लिए डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को भी दूर किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर प्रस्तावित डॉक्टरों की भर्ती और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
