नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने GSLV-F17/EOS-05 मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार, 4 सितंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F17 रॉकेट ने EOS-05 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में स्थापित किया। ISRO के मुताबिक EOS-05 भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है, जिसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी की निगरानी के लिए तैयार किया गया है।
इस सफल मिशन के बाद कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ISRO के वैज्ञानिकों और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि को देश की रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करने वाला कदम बताया और कहा कि यह मिशन ISRO के लिए एक ‘बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला’ साबित होगा।
जयराम रमेश ने ISRO की उपलब्धि को बताया ऐतिहासिक
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अपेक्षाकृत शांत अवधि के बाद ISRO ने शुक्रवार सुबह GSLV रॉकेट के जरिए 2,367 किलोग्राम वजनी उन्नत अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया। उन्होंने इसे एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे देश की रणनीतिक क्षमताओं को मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस नेता ने ISRO की दृढ़ता की सराहना करते हुए कहा कि पूरे देश को इस संस्थान की उपलब्धियों पर गर्व करना चाहिए। उनके मुताबिक ISRO ने दशकों से तमाम चुनौतियों के बावजूद देश को गौरवान्वित किया है।
PMO की भूमिका को लेकर जयराम रमेश का निशाना
ISRO की तारीफ के साथ ही जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में हो रहे बदलावों और निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए PMO पर सवाल उठाए।
रमेश ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में ‘रैडिकल रोल री-कॉन्फिगरेशन’ हो रहा है और PMO की पहल पर किए जा रहे इन बदलावों से ISRO जैसी प्रेरणादायक सार्वजनिक संस्था का चरित्र बदल सकता है। उन्होंने सरकार की उस दिशा पर चिंता जताई, जिसमें अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी और उत्पादन की भूमिका बढ़ाई जा रही है।
EOS-05 मिशन क्यों है खास?
GSLV-F17 भारत के Geosynchronous Satellite Launch Vehicle की 19वीं उड़ान है। इस मिशन में EOS-05 को Sub-Geosynchronous Transfer Orbit में स्थापित किया गया। EOS-05 को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी की इमेजिंग के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे भारत की अर्थ ऑब्जर्वेशन क्षमता को मजबूती मिलेगी।
इस सफल लॉन्चिंग को ISRO के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे भारत की पृथ्वी निगरानी, रणनीतिक क्षमताओं और अंतरिक्ष तकनीक में एक और अहम कदम जुड़ा है।
ISRO को प्रियंका गांधी ने भी दी बधाई
GSLV-F17/EOS-05 मिशन की सफलता पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ISRO की टीम को बधाई दी। उन्होंने वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए इसे हर भारतीय के लिए गर्व का पल बताया।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ISRO को इस सफल मिशन के लिए बधाई दी और इसे देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
