ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग के लिए ऐतिहासिक पल आया है। महिला 54 किलोग्राम बॉक्सिंग वर्ग में भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और इसे पूरे देश को समर्पित किया।
फाइनल मुकाबले में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर गोल्ड मेडल जीता। अपनी बेहतरीन तकनीक, आक्रामक अंदाज और रिंग में शानदार नियंत्रण के दम पर प्रीति ने मुकाबले में दबदबा बनाए रखा।
भारत का बॉक्सिंग में पहला गोल्ड
प्रीति पवार की यह जीत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला बॉक्सिंग गोल्ड मेडल है। इससे पहले सेमीफाइनल में भी उन्होंने दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी और भारत की स्वर्ण उम्मीदों को मजबूत किया था।
देश को समर्पित किया ऐतिहासिक पदक
गोल्ड जीतने के बाद प्रीति पवार ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश के लिए है। उन्होंने अपनी जीत को भारतवासियों, परिवार और समर्थकों को समर्पित किया।
भारतीय बॉक्सिंग को मिली नई पहचान
प्रीति पवार की इस उपलब्धि से भारतीय बॉक्सिंग को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। उनके प्रदर्शन ने दिखाया है कि भारतीय महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।
देशभर में जश्न का माहौल
प्रीति पवार की ऐतिहासिक जीत के बाद खेल जगत और देशभर से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। उनकी सफलता को भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
