10 जून। मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा रद्द कर दिया गया। इस फैसले के बाद राज्य की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
रिटर्निंग ऑफिसर और विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर निरस्त किया कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी नहीं दी। भाजपा उम्मीदवार महेश केवट ने इस मुद्दे को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी।
- कांग्रेस ने फैसले को बताया लोकतंत्र पर हमला
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस ने फैसले के विरोध में प्रदेशभर में भूख हड़ताल का ऐलान किया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले कांग्रेस विधायकों के टूटने की अफवाहें फैलाईं और जब उसमें सफलता नहीं मिली तो नामांकन प्रक्रिया को विवादित बनाकर चुनावी समीकरण बदलने की कोशिश की।
- मीनाक्षी नटराजन ने उठाए सवाल
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि भाजपा ने पर्याप्त संख्या नहीं होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारा था और तभी से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें शुरू हो गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कानूनी नोटिस को आधार बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया है।
- कांग्रेस जाएगी अदालत
कांग्रेस के वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता ने कहा कि नामांकन रद्द करने का आदेश कानून और न्यायिक सिद्धांतों के विपरीत है। उनके अनुसार, हैदराबाद अदालत द्वारा जारी नोटिस केवल सुनवाई का अवसर देने की प्रक्रिया थी और इसे आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता। कांग्रेस इस आदेश को न्यायालय में चुनौती देगी।
- विधानसभा से एयरपोर्ट तक चला राजनीतिक ड्रामा
मंगलवार को विधानसभा परिसर में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच जमकर नारेबाजी हुई। दोनों दलों के समर्थकों की मौजूदगी के कारण पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।
उधर, कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने की तैयारी की थी। इसके लिए चार्टर्ड विमान भी भोपाल एयरपोर्ट पर मौजूद था, लेकिन उड़ान में देरी और बाद में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने की खबर मिलने के बाद यात्रा रद्द कर दी गई।
- भाजपा ने फैसले का किया स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिटर्निंग ऑफिसर के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीदवार द्वारा लंबित मामले की जानकारी छिपाने के कारण यह कार्रवाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को पहले से पता था कि उसका उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाएगा।