रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और आम नागरिकों तथा व्यवसायियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग की 53 प्रमुख सेवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत अधिसूचित कर दिया है। इस फैसले के बाद अब विभाग से संबंधित विभिन्न अनुमतियों, लाइसेंसों और अन्य सेवाओं के लिए लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- महीनों का काम अब तय दिनों में होगा
अब तक बार लाइसेंस, होटल और रेस्टोरेंट से जुड़े आबकारी अनुमतियों सहित कई अन्य सेवाओं के लिए आवेदकों को महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई मामलों में फाइलें लंबित रहने के कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक सेवा के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है, जिससे आवेदनों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जा सकेगा।
- भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक
विशेषज्ञों का मानना है कि सेवाओं को लोक सेवा गारंटी कानून के दायरे में लाने से भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी की संभावनाएं कम होंगी। समय-सीमा तय होने से आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी। इससे विभाग और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।
- व्यापारियों और होटल उद्योग को मिलेगा लाभ
इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ आबकारी विभाग से जुड़े व्यापारियों, होटल संचालकों, बार संचालकों और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को मिलेगा। लाइसेंस, नवीनीकरण, अनुमति और अन्य आवश्यक सेवाएं समय पर मिलने से व्यवसाय संचालन आसान होगा। इससे राज्य में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बल
राज्य सरकार का यह कदम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समयबद्ध सेवाओं के कारण उद्योग एवं व्यवसाय क्षेत्र में प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी और निवेशकों को बेहतर कारोबारी माहौल मिलेगा। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी।
- आम नागरिकों को भी होगी सुविधा
केवल व्यापारिक वर्ग ही नहीं, बल्कि आबकारी विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए आवेदन करने वाले आम नागरिकों को भी इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा। सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता से लोगों को अनावश्यक भागदौड़ और देरी से राहत मिलेगी।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार आएगा, बल्कि नागरिकों को बेहतर और जवाबदेह शासन का अनुभव भी मिलेगा।