रायपुर, 15 जून: छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रदेश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। स्कूलों में नैतिक शिक्षा और महापुरुषों की जीवनियों को शामिल किए जाने के सरकारी फैसले पर छिड़ी बहस के बीच, सूबे के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विपक्ष पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस न सिर्फ महापुरुषों का विरोध कर रही है, बल्कि वह भारत माता और छत्तीसगढ़ी महतारी के सांस्कृतिक गौरव के खिलाफ खड़ी दिखाई दे रही है।
उनके इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया उबाल आ गया है और सत्तापक्ष (BJP) तथा विपक्ष (Congress) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
आखिर क्या है पूरा विवाद और राजनीतिक संदर्भ?
छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र (16 जून) से सभी सरकारी स्कूलों में एक नई नियमावली लागू की है। इसके तहत बच्चों के बौद्धिक और नैतिक विकास के लिए सुबह की प्रार्थना सभा में:
- राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ-साथ सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और दीप मंत्र को अनिवार्य किया गया है।
- दोपहर के भोजन से पहले ‘भोजन मंत्र’ और स्कूल की छुट्टी के समय ‘गायत्री मंत्र’ व शांति पाठ का प्रावधान रखा गया है।
- इसके साथ ही, देश के महान महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और ऐतिहासिक विभूतियों की जीवनियों को प्रार्थना सभा में पढ़कर सुनाने के निर्देश दिए गए हैं।
विपक्ष (कांग्रेस) का स्टैंड: कांग्रेस ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला समेत कई दिग्गज नेताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी सरकार सरकारी स्कूलों का ‘भगवाकरण’ करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि धर्मनिरपेक्ष स्कूलों में किसी एक पद्धति को थोपना संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
“कांग्रेसी भारत माता और छत्तीसगढ़ी महतारी के विरोधी”— मंत्री गजेंद्र यादव का पलटवार
कांग्रेस के इसी विरोध पर पलटवार करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने तीखा रुख अख्तियार किया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा:
मंत्री यादव ने आगे स्पष्ट किया कि इस पहल के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है, बल्कि इसका एकमात्र उद्देश्य छात्रों में अनुशासन, नैतिक मूल्य और देशप्रेम की भावना को जाग्रत करना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को लेकर भी घेरा
अपनी विस्तृत रिपोर्ट में शिक्षा मंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने जानबूझकर ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ को राज्य में लागू नहीं होने दिया, जिससे छत्तीसगढ़ के लाखों छात्र आधुनिक और मूल्य-आधारित शिक्षा से वंचित रह गए। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान साय सरकार अब राज्य के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर रही है, बस्तर के बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोला जा रहा है, और शिक्षा को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) व स्मार्ट क्लास से जोड़ा जा रहा है।
भाजपा बनाम कांग्रेस: शह और मात का खेल
मंत्री गजेंद्र यादव के इस कड़े बयान के बाद कांग्रेस भी बैकफुट पर रहने के मूड में नहीं है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी बुनियादी मुद्दों जैसे—शिक्षकों की कमी, जर्जर स्कूल भवन और शिक्षा के गिरते स्तर से ध्यान भटकाने के लिए ‘महापुरुषों और धर्म’ के नाम पर राजनीति कर रही है। वहीं, बीजेपी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच आक्रामक है और कांग्रेस को ‘संस्कृति विरोधी’ साबित करने की रणनीति पर काम कर रही है।