नई दिल्ली: देशभर में बुधवार को न्यायपालिका, आंतरिक सुरक्षा, शिक्षा और राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। सुप्रीम कोर्ट में केस फाइलों के गायब होने के मामले पर चीफ जस्टिस ने सख्त रुख अपनाया, वहीं केंद्र सरकार साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए हेल्पलाइन सिस्टम को आधुनिक बनाने की तैयारी में है। दूसरी ओर, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई, UCC और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़े बयान सामने आए हैं।
- केस फाइल गुम होने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुप्रीम कोर्ट में एक अधिवक्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद न्यायिक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिवक्ता का आरोप है कि अत्यंत जरूरी मामला दाखिल किए जाने के बावजूद रजिस्ट्री में फाइल के मिसप्लेस होने से सुनवाई की प्रक्रिया प्रभावित हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- साइबर अपराध रोकने के लिए AI आधारित व्यवस्था की तैयारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। सरकार अब हेल्पलाइन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बहुभाषी सुविधा से लैस करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को तेजी से सहायता मिल सके।
- छात्रों की आत्महत्या पर राजनीति तेज
प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है। सीकर और देहरादून में दो छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत को दर्शाता है और इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
- ISI से जुड़े मॉड्यूल पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस ने पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से जुड़े एक कथित आतंकी नेटवर्क के पांच और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिली है।
- मानसून सत्र में UCC पर बड़ा कदम संभव
मध्य प्रदेश सरकार ने संकेत दिए हैं कि आगामी मानसून सत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) से संबंधित विधेयक विधानसभा में लाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम बताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।