26.7 C
Raipur
Saturday, July 25, 2026

नशामुक्त भारत की दिशा में बड़ा कदम: 26 जून को अमित शाह जारी करेंगे ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’

Indiaनशामुक्त भारत की दिशा में बड़ा कदम: 26 जून को अमित शाह जारी करेंगे 'विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029'

नई दिल्ली। देश को नशामुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार अपने अभियान को और तेज करने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 26 जून को नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय (Apex Level) बैठक की अध्यक्षता करेंगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण हाइब्रिड बैठक में देशभर के 44 केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सभी राज्यों के कुल 108 प्रतिनिधि शामिल होंगे।

इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह नशीले पदार्थों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए अगले तीन वर्षों का रोडमैप ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ जारी करेंगे। यह दस्तावेज केंद्र और राज्यों की एजेंसियों के लिए साझा रणनीति और कार्ययोजना का आधार बनेगा।

6,000 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ होंगे नष्ट

बैठक के दौरान ‘ड्रग डिस्पोजल फोर्टनाइट’ अभियान के तहत देशभर में जब्त किए गए करीब 2,09,500 किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट किया जाएगा। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 6,000 करोड़ रुपये बताई गई है। सरकार का मानना है कि यह कार्रवाई ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश देगी।

जम्मू और गुवाहाटी में नए NCB कार्यालयों का उद्घाटन

गृह मंत्री अमित शाह डिजिटल माध्यम से जम्मू और गुवाहाटी में नवनिर्मित एनसीबी जोनल कार्यालयों का उद्घाटन भी करेंगे। इससे पूर्वोत्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

जारी होगी NCB की वार्षिक रिपोर्ट-2025

बैठक के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट-2025 भी जारी की जाएगी, जिसमें देशभर में ड्रग्स के खिलाफ चलाए गए अभियानों, जब्ती और कार्रवाई से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए जाएंगे।

क्या है ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’?

गृह मंत्रालय के अनुसार यह दस्तावेज विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। अगले तीन वर्षों के लिए तैयार इस रणनीतिक रोडमैप में कई अहम बिंदुओं पर फोकस किया गया है।

युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर

देशभर में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा और उन्हें नशे की गिरफ्त में आने से बचाने के प्रयास किए जाएंगे।

पुनर्वास केंद्रों का होगा विस्तार

ड्रग्स की लत से पीड़ित लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए केंद्रों की संख्या और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जा सके।

केंद्र सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह बैठक और नया विजन डॉक्यूमेंट देश को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles