अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की कथित हेराफेरी के मामले में अयोध्या पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों में शामिल राम शंकर यादव उर्फ तिनू यादव को हिरासत में ले लिया है। इस मामले में 25 जून 2026 को राम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद जांच तेज कर दी गई है।
- ट्रस्ट सदस्य की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
यह शिकायत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में दान और चढ़ावे की गिनती तथा प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने आपसी साजिश के तहत श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई राशि का गबन किया।
एफआईआर के अनुसार, दान की रकम को व्यवस्थित तरीके से हड़पने की योजना बनाई गई थी, जिससे मंदिर की निधि को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
- 9 लोगों को बनाया गया आरोपी
पुलिस ने इस मामले में कुल 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, राम शंकर यादव उर्फ तिनू यादव और आशुतोष तिवारी के नाम शामिल हैं।
- SIT की जांच के बीच कार्रवाई
राम मंदिर दान गबन मामले ने तब और तूल पकड़ा जब पूर्व सपा विधायक पवन पांडे ने मंदिर की करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये की निधि में गड़बड़ी का आरोप लगाया। इसके बाद राज्य सरकार ने 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
अब दर्ज एफआईआर की विस्तृत जांच अयोध्या के सर्किल ऑफिसर (CO) को सौंपी गई है। पुलिस मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
- इस्तीफों की चर्चा से बढ़ी हलचल
मामले के सामने आने के बाद यह खबर भी सामने आई कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
- सीएम योगी बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार जनता की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिना तथ्यों के इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि SIT की रिपोर्ट और जांच के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
