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Sunday, July 26, 2026

बिलासपुर में एल्डरमैन सूची पर भाजपा में असंतोष, वरिष्ठ नेता निर्मल जीवनानी ने सभी दायित्वों से दिया इस्तीफा

Chhattisgarhबिलासपुर में एल्डरमैन सूची पर भाजपा में असंतोष, वरिष्ठ नेता निर्मल जीवनानी ने सभी दायित्वों से दिया इस्तीफा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बिलासपुर नगर निगम के लिए 11 एल्डरमैन की नियुक्ति की सूची जारी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। सूची जारी होने के बाद पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने उपेक्षा का आरोप लगाया है। इसी क्रम में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्वी मंडल के पूर्व मंडल अध्यक्ष तथा रेलवे सह प्रभारी निर्मल जीवनानी ने पार्टी के सभी संगठनात्मक दायित्वों से इस्तीफा दे दिया है।

निर्मल जीवनानी ने अपना इस्तीफा जिला भाजपा अध्यक्ष को सौंपते हुए कहा कि एल्डरमैन नियुक्ति में लंबे समय से पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। उनका आरोप है कि संगठन के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी गई, जो हाल ही में दूसरी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए एक व्यक्ति को एल्डरमैन नियुक्त किया गया, जबकि वर्षों से पार्टी की विचारधारा और संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं दिया गया। उनके अनुसार, इस फैसले से जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है।

जीवनानी ने कहा कि पार्टी की मजबूती केवल चुनावी समय में नहीं, बल्कि वर्षों तक संगठन के लिए लगातार मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं के समर्पण से बनती है। यदि ऐसे कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा होती रही और निर्णय मनमाने तरीके से लिए जाते रहे, तो इसका असर भविष्य में संगठन की एकजुटता और राजनीतिक प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पार्टी का विरोध करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नेतृत्व तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के वरिष्ठ नेता उन्हें चर्चा के लिए बुलाते हैं, तो वे अपनी बात पूरी गंभीरता के साथ रखेंगे और संगठन के हित में समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।

एल्डरमैन सूची को लेकर बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के कई कार्यकर्ताओं में भी असंतोष की चर्चा है। पार्टी के अंदर इस मुद्दे पर अलग-अलग स्तर पर नाराजगी व्यक्त की जा रही है। हालांकि, अभी तक भाजपा संगठन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्थानीय निकायों में नियुक्तियों को लेकर कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं स्वाभाविक होती हैं। ऐसे मामलों में यदि संगठन के भीतर संवाद और संतुलन नहीं बन पाया, तो असंतोष सार्वजनिक रूप ले सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा नेतृत्व इस नाराजगी को किस तरह संबोधित करता है और क्या संगठन स्तर पर कोई समाधान निकलता है।

फिलहाल, निर्मल जीवनानी का इस्तीफा और एल्डरमैन सूची को लेकर उठे सवाल बिलासपुर की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब सभी की नजर भाजपा नेतृत्व के अगले कदम और संभावित बातचीत पर टिकी हुई है।

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