कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में होने वाले आगामी चुनावों से ठीक पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बड़ा विस्फोट हुआ है। टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अब तक का सबसे तगड़ा और ऐतिहासिक सियासी झटका लगा है। कोलकाता में पार्टी के तीन बेहद कद्दावर चेहरों और पूर्व राज्यसभा सांसदों ने एक साथ टीएमसी का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का झंडा थाम लिया है।
की रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता में आयोजित एक विशेष और भव्य कार्यक्रम के दौरान इन तीनों शीर्ष नेताओं को भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक सदस्यता दिलाई गई। बंगाल चुनाव के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस के भीतर मचे आंतरिक घमासान और सांसदों की इस खुली बगावत ने सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है।
इन 3 दिग्गज नेताओं ने थामा भाजपा का दामन
- भाजपा का रुख करने वाले नेताओं में टीएमसी के वे चेहरे शामिल हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की रीढ़ माने जाते थे:
- सुष्मिता देव: पूर्व राज्यसभा सांसद, प्रखर वक्ता और टीएमसी का एक बड़ा महिला चेहरा। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने में इनकी बड़ी भूमिका रही है।
- सुखेंदु शेखर रे: ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद, वरिष्ठ और अनुभवी रणनीतिकारों में से एक। लंबे समय तक संसद और मीडिया में टीएमसी का मुख्य चेहरा रहे हैं।
प्रकाश चिक बड़ाईक: पूर्व राज्यसभा सांसद और उत्तर बंगाल के आदिवासी क्षेत्रों में गहरी पैठ रखने वाले कद्दावर नेता।
ममता बनर्जी के लिए क्यों है यह ‘महा-झटका’?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस सामूहिक इस्तीफे और पाला बदलने के फैसले ने तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। इसके पीछे कई बड़े कारण देखे जा रहे हैं:
राष्ट्रीय स्तर पर साख को नुकसान: सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर रे जैसे नेता राष्ट्रीय स्तर पर टीवी डिबेट्स से लेकर संसद के पटल तक टीएमसी का पक्ष पूरी मजबूती से रखते आए हैं। इनका जाना पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
अंदरूनी कलह आई सामने: बंगाल चुनाव के बाद से ही टीएमसी के भीतर अंदरूनी असंतोष और गुटबाजी की खबरें आ रही थीं। इन दिग्गज नेताओं की बगावत ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
उत्तर बंगाल में समीकरण बदलेंगे: प्रकाश चिक बड़ाईक के भाजपा में जाने से उत्तर बंगाल के आदिवासी और चाय बागान वाले इलाकों में टीएमसी का सियासी गणित पूरी तरह बिगड़ सकता है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलने की उम्मीद है।
बंगाल में विपक्ष हुआ और मजबूत
इस बड़े उलटफेर के बाद भाजपा खेमे में जबरदस्त उत्साह है। पार्टी नेताओं का दावा है कि टीएमसी के कई और बड़े चेहरे उनके संपर्क में हैं। इस जॉइनिंग के बाद यह साफ संकेत मिल गया है कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष (BJP) अब ममता सरकार को घेरने के लिए पहले से कहीं अधिक आक्रामक और मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतर चुका है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
