रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम की पहली वर्षगांठ समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान बताते हुए कहा,
“जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं भगवान का वास होता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में नारी को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राज्य की प्रगति तभी संभव है,
जब उसकी महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त हों। राज्य सरकार इसी सोच के साथ महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं, स्वरोजगार, वित्तीय साक्षरता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रयासों से गांवों की तस्वीर बदल रही है और स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि ‘दीदी के गोठ’ का संचालन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को शासन की योजनाओं की जानकारी देना, उनकी सफलता की कहानियों को साझा करना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
