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Saturday, July 25, 2026

AI तकनीक से सुरक्षित होंगे छत्तीसगढ़ के जंगल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू

ChhattisgarhAI तकनीक से सुरक्षित होंगे छत्तीसगढ़ के जंगल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू किया गया है। इस नई तकनीक के जरिए जंगलों में 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, जिससे अवैध शिकार, लकड़ी तस्करी, अतिक्रमण और मानव-हाथी संघर्ष जैसी घटनाओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

इस परियोजना के तहत जंगलों में 70 से 80 फीट ऊंचे टावरों पर AI कैमरे और पीयर-टू-पीयर वायरलेस मॉड्यूल लगाए जा रहे हैं। ये अत्याधुनिक कैमरे दूरस्थ और दुर्गम वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी करने में सक्षम होंगे।

फिलहाल इस स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का परीक्षण ओडिशा सीमा से लगे कुल्हाडीघाट, इंदागांव, रिसगांव, दक्षिण उदंती और पायलीखण्ड उत्तर उदंती रेंज में किया जा रहा है। ये इलाके हाथियों के आवागमन और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।

AI कैमरों की खासियत यह होगी कि वे एशियाई हाथी, बाघ, तेंदुआ और भालू जैसे वन्यजीवों की पहचान खुद कर सकेंगे।
इसके अलावा यदि कोई शिकारी, लकड़ी तस्कर या संदिग्ध व्यक्ति जंगल में दिखाई देता है तो सिस्टम तुरंत वन विभाग के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को अलर्ट भेजेगा, जिससे समय पर कार्रवाई की जा सकेगी।

इस तकनीक में P2P वायरलेस नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे दूरदराज के जंगलों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी। इससे एंटी-पोचिंग कैंप और वन चौकियों से लाइव वीडियो मॉनिटरिंग आसान होगी और वन विभाग की निगरानी क्षमता बढ़ेगी।

वन विभाग के अनुसार, सीमित मानव संसाधनों के बीच AI आधारित यह प्रणाली सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी। इससे जंगलों में गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी।

गौरतलब है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व पहले से ही थर्मल ड्रोन,
सैटेलाइट इमेजरी और गूगल अर्थ इंजन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है।
पिछले चार वर्षों में रिजर्व क्षेत्र से 956 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, जबकि वन अपराधों में शामिल 500 से अधिक तस्करों और शिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

AI आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम के लागू होने से छत्तीसगढ़ के जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था को नई तकनीकी ताकत मिलने की उम्मीद है।

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