नकटी। नकटी क्षेत्र में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है। बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोगों ने अपनी नाराजगी जताते हुए मंत्री के आवास का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिना पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था के उनके मकानों एवं दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिससे कई परिवारों के सामने आजीविका और रहने का संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार मंत्री आवास पहुंचे और कार्रवाई को तत्काल रोकने तथा उचित मुआवजा एवं पुनर्वास की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना कार्रवाई की, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सरकार से न्याय की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उधर, मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर गरीबों के आशियाने उजाड़ रही है। कांग्रेस का कहना है कि प्रभावित परिवारों को पहले नोटिस, सुनवाई का अवसर और पुनर्वास की व्यवस्था मिलनी चाहिए थी। पार्टी ने सरकार से बुलडोजर कार्रवाई की समीक्षा करने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय और शासन के निर्देशों के अनुरूप अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए की गई है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित लोगों को नियमानुसार पूर्व सूचना दी गई थी और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बुलडोजर कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मंत्री आवास और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
फिलहाल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध बना हुआ है। प्रभावित परिवार अपनी मांगों पर अड़े हैं, जबकि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को लगातार घेर रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर और अधिक गरमा सकता है।
