पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीलीभीत में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने भारत के विभाजन, बांग्लादेश के गठन और देश की ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाजन की त्रासदी के लिए कांग्रेस की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन राजनीतिक निर्णयों और सत्ता की राजनीति ने देश को ऐसी परिस्थितियों में पहुंचाया, जिसका खामियाजा करोड़ों लोगों को भुगतना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन भारतीय इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक था। उनके अनुसार, इस दौरान लाखों परिवार अपने घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर हुए, बड़ी संख्या में लोगों ने सांप्रदायिक हिंसा झेली और असंख्य लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टि से भी एक गहरी त्रासदी थी।
अपने भाषण में सीएम योगी ने कहा कि इतिहास की घटनाओं को केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उनसे सीख लेने के लिए याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी राष्ट्रहित से ऊपर राजनीतिक स्वार्थ को रखा जाता है, उसके परिणाम देश और समाज को लंबे समय तक भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश के गठन का उल्लेख करते हुए कहा कि उपमहाद्वीप के इतिहास में हुए राजनीतिक घटनाक्रम यह बताते हैं कि गलत नीतियों के दूरगामी प्रभाव पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश को ऐसी सोच की आवश्यकता है जो राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक समरसता और विकास को केंद्र में रखकर आगे बढ़े।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से इतिहास के अनुभवों से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में योगदान देने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि उनके बयान पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है और विभाजन, इतिहास तथा राजनीतिक जवाबदेही को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
