कोलकाता।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी ने 21 जुलाई को आयोजित होने वाले शहीद दिवस कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दिए जाने पर राज्य सरकार और प्रशासन की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति से इनकार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और यह लोकतंत्र के लिए “हानिकारक” है।
रितब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण तरीके से अपने कार्यक्रम आयोजित करने का समान अधिकार है और इस अधिकार से वंचित करना लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करता है।
दरअसल, 21 जुलाई को कोलकाता के धर्मतला स्थित पारंपरिक स्थल पर शहीद दिवस कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विभिन्न गुटों ने पुलिस से अनुमति मांगी थी। हालांकि, कोलकाता पुलिस ने यातायात और जनसुविधा से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
रितब्रत बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी और इस फैसले के खिलाफ सभी संवैधानिक विकल्पों पर विचार करेगी। वहीं, इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, क्योंकि शहीद दिवस पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन माना जाता है।
