नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर उठे सवाल अब शिक्षा व्यवस्था से निकलकर देश की राजनीति के केंद्र में पहुंच गए हैं। परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और पारदर्शिता को लेकर जारी विवाद पर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि लाखों छात्र और अभिभावक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
- भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया राजनीति करने का आरोप
भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है, लेकिन विपक्ष युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता छात्रों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और गड़बड़ियों पर कार्रवाई के लिए सरकार लगातार सक्रिय है।
- पीएम मोदी का जिक्र कर दिया संदेश
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्र हितों के प्रति संवेदनशील रवैये का भी उल्लेख किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार का हर निर्णय छात्रों की सुविधा और उनके भविष्य को ध्यान में रखकर लिया जाता है। भाजपा का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं।
- कांग्रेस ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को लेनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार विपक्ष पर आरोप लगाने में व्यस्त है।
- छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
NEET विवाद के चलते देशभर में लाखों छात्रों और उनके परिवारों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल सामने आने वाले विवाद छात्रों की मेहनत और विश्वास दोनों को प्रभावित करते हैं।
- शिक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए बड़े सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अब केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है। यह देश की परीक्षा प्रणाली, सरकारी जवाबदेही और युवाओं के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट, सरकारी कदमों और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
