रायपुर: छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G योजना लागू हो गई है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना, आधारभूत विकास को गति देना और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है।
नई योजना के तहत अब पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी, जबकि पहले मनरेगा के तहत यह सीमा 100 दिनों की थी। साथ ही, मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने का प्रावधान किया गया है। यदि समय पर काम नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने योजना के तहत मजदूरी दरों में भी बढ़ोतरी की है। अब राष्ट्रीय औसत दैनिक मजदूरी 327.40 रुपये हो गई है, जो पहले 298.80 रुपये थी। सरकार ने 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम आधार मजदूरी भी तय की है, ताकि किसी भी राज्य में इससे कम भुगतान न हो।
योजना में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण, कृषि आधारित कार्य और अन्य टिकाऊ विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही डिजिटल जॉब कार्ड, पारदर्शी भुगतान प्रणाली और ग्राम सभा के माध्यम से विकास कार्यों की योजना तैयार करने की व्यवस्था भी की गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने योजना के प्रभावी संचालन के लिए 2026-27 के बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्य में इसका औपचारिक शुभारंभ 2 जुलाई को होगा, जिसमें केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे।
सरकार का दावा है कि नई योजना से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और गांवों में स्थायी विकास को नई गति मिलेगी।
