रायपुर। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। वे यहाँ पार्टी के प्रादेशिक कार्यकर्ताओं की एक अहम समीक्षा बैठक में शामिल होने आए हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि इस समय पूरे देश में आम आदमी पार्टी का बड़े पैमाने पर संगठन विस्तार अभियान चल रहा है, जिसकी कमान खुद अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता संभाल रहे हैं।
- महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था पर तीखा हमला
सांसद संजय सिंह ने एलपीजी गैस सिलेंडर और घरेलू सामानों की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा:
सरकार महंगाई की तुलना दूसरे देशों से करती है, लेकिन उससे पहले उन्हें भारत की प्रति व्यक्ति आय और लोगों की क्रय क्षमता (Purchasing Power) को देखना चाहिए। चुनाव आने तक महंगाई को नियंत्रित रखने का नाटक किया जाता है और चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका डाला जाता है।
उन्होंने गिरते रुपये और देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
- देश का युवा परेशान, सरकार हिंदू-मुस्लिम राजनीति में व्यस्त
देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संजय सिंह ने कहा कि आज छात्र-छात्राएं मानसिक तनाव में हैं और आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हैं। लेकिन सरकार इन गंभीर मुद्दों को हल करने के बजाय सिर्फ हिंदू-मुस्लिम की राजनीति और अपनी नाकामियों का औचित्य साबित करने में व्यस्त है।
- छत्तीसगढ़ के जंगलों की कटाई और AAP के लिए नए अवसर
छत्तीसगढ़ का जिक्र करते हुए आप सांसद ने स्थानीय पर्यावरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्थानीय लोगों के भारी विरोध के बावजूद तेजी से जंगलों को काटा जा रहा है ताकि बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा सके। सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है।
- प्रमुख बिंदु
- आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह प्रादेशिक कार्यकर्ताओं की बैठक के लिए रायपुर पहुंचे।
- देशभर में चल रहे पार्टी के ‘संगठन विस्तार अभियान’ के तहत हुआ दौरा।
- बढ़ती महंगाई, एलपीजी सिलेंडर के दाम और पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार को घेरा।
- छत्तीसगढ़ में हसदेव और अन्य जंगलों की कटाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।