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Sunday, July 26, 2026

शराब और कोयला घोटाला: फरारी के दौरान विदेश में थे या छत्तीसगढ़ में? रामगोपाल अग्रवाल से EOW की हर एंगल से पूछताछ जारी!

Chhattisgarhशराब और कोयला घोटाला: फरारी के दौरान विदेश में थे या छत्तीसगढ़ में? रामगोपाल अग्रवाल से EOW की हर एंगल से पूछताछ जारी!

रायपुर:

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले, कोयला लेवी घोटाला, कस्टम मिलिंग और डीएमएफ (DMF) मामलों में गिरफ्तार किए गए प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता और कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से ईओडब्ल्यू (EOW) और एसीबी (ACB) की पूछताछ लगातार जारी है। लगभग तीन साल तक फरार रहने के बाद सरेंडर करने वाले रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों को लेकर अब जांच एजेंसियां बेहद सतर्क हैं और उनके हर एक दावे की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

इस पूछताछ में सबसे बड़ा सस्पेंस उनकी फरारी के ‘लोकेशन’ को लेकर बना हुआ है, जिसने छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल तेज कर दी है।

शराब से लेकर कोयला घोटाले तक: सवालों की लंबी फेहरिस्त

पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों को लेकर विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं:

बेटे वैभव अग्रवाल का दावा: रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल ने जांच एजेंसी के सामने यह दावा किया है कि उनके पिता कभी भी छत्तीसगढ़ या देश से बाहर नहीं गए थे। फरारी के दौरान वे राज्य के भीतर ही, खासकर धमतरी में छिपे हुए थे।

EOW को विदेश प्रवास का संदेह: जांच अधिकारियों को इस दावे पर पूरी तरह भरोसा नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को पहले इनपुट मिले थे कि रामगोपाल अग्रवाल देश छोड़कर दुबई भाग गए थे और लंबे समय तक वहीं रहे। इसी ‘विदेश कनेक्शन’ और ट्रैवल हिस्ट्री को खंगालने के लिए अब EOW उनके पासपोर्ट, वित्तीय लेन-देन और यात्रा रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है।

बेटे का दावा—’पिता धमतरी में थे’, जांच एजेंसी को ‘दुबई कनेक्शन’ का शक

रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ के लिए EOW-ACB के अलग-अलग अधिकारियों की टीम तैनात की गई है। उनसे मुख्य रूप से चार बड़े मामलों में सवाल-जवाब किए जा रहे हैं:

  • शराब घोटाला
  • कोयला लेवी घोटाला
  • कस्टम मिलिंग घोटाला

डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड में अनियमितता

अदालत ने 17 जुलाई तक सौंपी है रिमांड:

बता दें कि रामगोपाल अग्रवाल ने 7 जुलाई को EOW-ACB कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 17 जुलाई तक EOW की रिमांड पर भेजा है। पूछताछ के दौरान अदालत के निर्देशानुसार उनके वकील को भी मौजूद रहने की अनुमति दी गई है।

भाजपा का कांग्रेस पर तीखा तंज: “गिरफ्तारी होते ही अपनों ने बनाई दूरी”
इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर राज्य में सियासी बयानबाजी भी चरम पर पहुंच गई है। भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

भाजपा प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने बयान जारी कर कहा:

“जांच एजेंसियां हवा में तीर नहीं चला रहीं, बल्कि पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। रामगोपाल अग्रवाल की पूछताछ से कई सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब होंगे। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तारी से पहले तक जो कांग्रेस उन्हें अपना सम्माननीय कोषाध्यक्ष बता रही थी, जेल जाते ही अब उनके अपने नेता उनसे दूरी बनाने में जुट गए हैं।”

आगे क्या?EOW के अधिकारियों का मानना है कि 17 जुलाई तक चलने वाली इस रिमांड अवधि में कई ऐसे महत्वपूर्ण राज खुल सकते हैं, जो इस पूरे सिंडिकेट और इसमें शामिल अन्य बड़े नामों का पर्दाफाश कर देंगे। क्या वाकई रामगोपाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ में ही छिपे थे या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क था, इसका खुलासा जल्द ही होने की उम्मीद है।

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