नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों की सराहना करते हुए स्काईरूट एयरोस्पेस की सफलता को देश के युवाओं की प्रतिभा और नवाचार का परिणाम बताया। इस दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए “56 वर्षीय नौजवान” का उल्लेख किया, जिसे राजनीतिक हलकों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्काईरूट की उपलब्धि के पीछे 20 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मेहनत, नवाचार और समर्पण है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे युवाओं की बात कर रहे हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, “किसी 56 वर्षीय नौजवान की नहीं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने का साहसिक निर्णय लिया था, जिस पर उस समय कई तरह के सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि स्काईरूट की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारत के युवाओं पर भरोसा करना सही फैसला था और देश का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र अब वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
गौरतलब है कि स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने विक्रम-1 मिशन के माध्यम से भारत के निजी अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक नया अध्याय जोड़ा है। इस उपलब्धि को भारत के स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा उद्यमियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
