कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है, जहां विधानसभा में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) विधेयक, 2026 को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा और बयानबाजी होने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से कई अन्य अहम विधेयक भी सदन में पेश किए जाने की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी विधानसभा में UCC विधेयक को लेकर अपना महत्वपूर्ण बयान दे सकते हैं। सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि राज्य में UCC लागू करने की प्रक्रिया संविधान के दायरे में रहकर आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए एक समिति गठित किए जाने की बात भी सामने आई है, जो विभिन्न राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर रही है।
कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश होने की संभावना
विधानसभा में UCC विधेयक के साथ-साथ अन्य कई विधेयकों को भी पेश किए जाने की संभावना है। इनमें प्रमुख रूप से
- पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को छोड़कर) सेवा एवं पदों में आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026
- पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026
- पश्चिम बंगाल सार्वजनिक व्यवस्था (संशोधन) विधेयक, 2026
- पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक, 2026
UCC को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
UCC मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति पहले से ही गरमाई हुई है। भारतीय जनता पार्टी इसे अपने वैचारिक एजेंडे और समान कानून व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है, जबकि विपक्षी दल इस पर व्यापक चर्चा और सभी हितधारकों से परामर्श की मांग कर रहे हैं।
विधानसभा में इस मुद्दे पर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही इस विषय पर मतभेद स्पष्ट हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि UCC विधेयक सहित अन्य प्रस्तावित कानून पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई दिशा तय कर सकते हैं। आने वाले समय में इन विधेयकों पर होने वाली चर्चा राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों और नीतिगत निर्णयों पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।
