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Saturday, July 25, 2026

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासत तेज, CPI(M) ने जांच पर उठाए सवाल; विपक्ष ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

Indiaराम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासत तेज, CPI(M) ने जांच पर उठाए सवाल; विपक्ष ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। मामले की जांच जारी रहने के बीच विपक्षी दल लगातार सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। इसी क्रम में CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने जांच की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई और कहा कि मामले में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में एमए बेबी ने आरोप लगाया कि इस मामले में सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच पर किसी तरह का राजनीतिक प्रभाव पड़ा तो सच्चाई सामने आने में बाधा आ सकती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की और विपक्ष से पूरे मामले पर नजर बनाए रखने की अपील की।

इस बीच, मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, 25 जून को दर्ज एफआईआर के बाद विशेष अदालत ने बैंक कर्मचारियों और मंदिर से जुड़े कर्मचारियों सहित आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों के पास से अब तक करीब 79.85 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि चढ़ावे की राशि में हेराफेरी और आपराधिक साजिश के तहत इस कथित गड़बड़ी को अंजाम दिया गया।

मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि क्या इतने बड़े स्तर की कथित अनियमितता केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के जरिए संभव है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता बताई।

दूसरी ओर, भाजपा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। पार्टी ने विपक्ष पर संवेदनशील धार्मिक विषय का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।

अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के निष्कर्ष यह तय करेंगे कि कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है और इस मामले में उठे सवालों का जवाब किस तरह सामने आता है।

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