नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर व्यवस्थागत भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि राम मंदिर निर्माण जैसे आस्था से जुड़े मुद्दे पर उठे आरोपों की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और लोगों का विश्वास बना रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि चंदे के उपयोग में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
वहीं, फैजाबाद बार एसोसिएशन ने भी इस मामले में नई एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि सामने आए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और उनकी निष्पक्ष आपराधिक जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने जांच एजेंसियों से मामले में शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
इस बीच, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ पूर्व अधिकारियों के इस्तीफे के बाद मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा जारी है। जांच एजेंसी कथित वित्तीय लेनदेन और उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब तक केंद्र सरकार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भाजपा की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चंदे से जुड़े किसी भी विवाद को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आगे आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।
