नई दिल्ली: भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से ‘आत्मनिर्भर’ होने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के रक्षा उत्पादन और निर्यात को लेकर हाल ही में बेहद उत्साहजनक आंकड़े साझा किए हैं। रक्षा मंत्री के अनुसार, भारत का घरेलू डिफेंस प्रोडक्शन (रक्षा उत्पादन) अब 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच गया है।
रक्षा निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड
इसके साथ ही, भारत द्वारा अन्य देशों को बेचे जाने वाले हथियारों और रक्षा उपकरणों (डिफेंस एक्सपोर्ट) में भी अभूतपूर्व उछाल देखा गया है। देश का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के अब तक के सबसे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। यह आंकड़ा इस बात का गवाह है कि भारतीय रक्षा उत्पादों की मांग अब वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है।
अगले 3 वर्षों के लिए सरकार का मेगा प्लान
सरकार ने आने वाले समय के लिए और भी बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार अगले 2 से 3 वर्षों में देश का लक्ष्य है:
- डिफेंस प्रोडक्शन: रक्षा उत्पादन को बढ़ाकर 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना।
- रक्षा निर्यात (Export): हथियारों के निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये के पार ले जाना।
क्यों खास है यह उपलब्धि?
कभी दुनिया के सबसे बड़े हथियार खरीदारों (Importers) में शुमार होने वाला भारत अब तेजी से एक बड़े निर्यातक (Exporter) के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी नीतियों के कारण मिसाइलें, लड़ाकू विमान, आर्टिलरी गन और डिजिटल वॉरफेयर सिस्टम जैसे अत्याधुनिक हथियार अब भारत में ही तैयार होकर दुनिया भर में अपनी धाक जमा रहे हैं।
