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Tuesday, September 8, 2026

ISM 2.0 से भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगी नई रफ्तार, 2026 को बताया ‘लैंडमार्क ईयर’

BusinessISM 2.0 से भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगी नई रफ्तार, 2026 को बताया 'लैंडमार्क ईयर'

नई दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने कहा है कि India Semiconductor Mission (ISM) 2.0 भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने वर्ष 2026 को भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा का “लैंडमार्क ईयर” बताते हुए कहा कि देश अब केवल योजनाएं बनाने के चरण से आगे बढ़कर वास्तविक क्रियान्वयन के दौर में प्रवेश कर चुका है।

एस. कृष्णन ने बताया कि ISM 2.0 के तहत सरकार ने ₹1.27 लाख करोड़ का प्रावधान किया है, जिसका उद्देश्य देश में चिप निर्माण, डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और पूरी सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत बनाना है। सरकार अब केवल फैब्रिकेशन यूनिट स्थापित करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उपकरण, विशेष रसायन, गैस, सामग्री और अन्य आवश्यक घटकों का घरेलू इकोसिस्टम भी विकसित करने पर जोर दे रही है।

उत्पादन से लेकर अनुसंधान तक होगा विस्तार

MeitY सचिव के अनुसार, भारत में तीन सेमीकंडक्टर इकाइयों ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है, जबकि कई अन्य परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। ISM 2.0 के तहत डिजाइन-आधारित कंपनियों को भी अधिक अवसर दिए जाएंगे और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई सह-निवेश (Co-investment) व्यवस्था लागू की जाएगी।

वैश्विक चिप हब बनने की दिशा में भारत

सरकार का मानना है कि सेमीकंडक्टर निर्माण आर्थिक विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। ISM 2.0 के माध्यम से भारत का लक्ष्य वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना और आयात पर निर्भरता कम करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिशन आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक चिप निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

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