रायपुर। जम्मू-कश्मीर में हुए हालिया आतंकी हमले को लेकर क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे कायरतापूर्ण और अमानवीय घटना बताया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार को और अधिक कठोर एवं निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि यदि आतंकवादी धर्म या पहचान पूछकर लोगों को निशाना बनाते हैं, तो यह केवल अपराध नहीं बल्कि देश की सामाजिक सद्भावना और राष्ट्रीय एकता पर सीधा हमला है। ऐसे कृत्यों की पूरे देश को एकजुट होकर निंदा करनी चाहिए।
आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में आतंकवादी नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए और अधिक प्रभावी रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और आतंकवाद को संरक्षण देने वाली ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पाकिस्तान पर लगाए गंभीर आरोप
वीरेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद लंबे समय से भारत के लिए चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का माहौल खराब करने की लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन भारत आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय सेना, सुरक्षा एजेंसियां और देशवासी एकजुट होकर आतंकवाद का करारा जवाब देंगे।
PoK पर भी रखी अपनी बात
अपने बयान में उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वह भारत का अभिन्न अंग है और भविष्य में उसे भारत का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वहां की जनता पाकिस्तान की नीतियों से परेशान है और अनेक कठिनाइयों का सामना कर रही है।
पीड़ित परिवारों के लिए ₹1 करोड़ सहायता की मांग
करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने हमले में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु पूरे परिवार को आर्थिक और सामाजिक संकट में डाल देती है।
उन्होंने केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की कि कश्मीर में मारे गए छत्तीसगढ़ के मजदूरों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से ₹50 लाख और केंद्र सरकार की ओर से ₹50 लाख, यानी कुल ₹1 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिल सके।
राष्ट्रहित के मुद्दों पर एकजुट होने की अपील
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि क्षत्रिय करणी सेना हमेशा राष्ट्रहित, समाजहित और पीड़ितों के अधिकारों की आवाज उठाती रही है। उन्होंने देशवासियों से शांति, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों की नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकारें पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगी और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेंगी।
