दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप पर एक महिला दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की सैलरी का बड़ा हिस्सा अपने बेटे के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाने का आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुलसचिव को गिरफ्तार किया, हालांकि कानूनी प्रक्रिया के तहत बाद में उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
महिला कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप
मामला विश्वविद्यालय में कार्यरत अर्द्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे से जुड़ा है। आरोप है कि कुलसचिव ने अपने पद का प्रभाव दिखाकर महिला कर्मचारी पर दबाव बनाया और नौकरी से हटाने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, महिला के खाते में वेतन आने के बाद उसका बड़ा हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से कुलसचिव के बेटे के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाया जाता था।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उससे निजी काम भी करवाए जाते थे। मामले की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू की।
जांच समिति ने खंगाले बैंक रिकॉर्ड
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। समिति ने महिला कर्मचारी के बैंक स्टेटमेंट और करीब 35 पन्नों के डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड की जांच की।
जांच के अनुसार, फरवरी 2025 से जुलाई 2026 के बीच महिला कर्मचारी को कुल 1,77,137 रुपये वेतन के रूप में मिले। इनमें से करीब 1,49,384 रुपये (लगभग 84.3 प्रतिशत) राशि कुलसचिव के बेटे के खाते में ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई।
कम वेतन बचने से आर्थिक परेशानी का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला कर्मचारी को कलेक्टर दर के हिसाब से हर महीने लगभग 11,515 रुपये मिलने थे, लेकिन कथित ट्रांसफर के बाद उसके पास घर चलाने के लिए लगभग 2,000 रुपये ही बचते थे। जांच समिति ने आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
जांच रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग पुलिस ने मोहन नगर थाना में मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी कुलसचिव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया।
