नई दिल्ली: घर खरीदारों (Homebuyers) के साथ धोखाधड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी बिल्डरों को किसी भी तरह की बड़ी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जब तक सभी प्रभावित खरीदारों को उनके फ्लैट का कब्जा या पूरा पैसा वापस नहीं मिल जाता, तब तक केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।
सेटलमेंट कर जांच बंद कराने की कोशिशों पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उन हथकंडों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की, जिनके जरिए कुछ चुनिंदा खरीदारों के साथ समझौता (Settlement) कर पूरे मामले की जांच को ठप करने या बंद कराने का प्रयास किया जा रहा था। अदालत ने कहा कि कुछ मामलों में समझौते के आधार पर पूरी आपराधिक जांच को नहीं रोका जा सकता।
बैंक अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल: CBI
सुनवाई में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया कि धोखाधड़ी के इस बड़े मामले में दर्ज कई प्राथमिकी (FIRs) की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के खिलाफ भी चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की जा चुकी है, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर बिल्डरों को वित्तीय मदद पहुंचाई।
अदालत के इस कड़े फैसले से परेशानहाल घर खरीदारों को न्याय और अपना पैसा वापस मिलने की नई उम्मीद जगी है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
