नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026। बदलते मौसम और उमस के बीच दिल्ली-NCR में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 20 अगस्त को H1N1 के 114 नए मामले सामने आए, जिसके बाद इस साल राजधानी में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 1,777 हो गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक बुलाई है।
बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग सतर्क
H1N1 के साथ-साथ दिल्ली में अन्य सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। अस्पतालों में बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस से जुड़ी शिकायतों के साथ पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कुछ मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम होने और सांस लेने में परेशानी जैसे गंभीर लक्षण भी देखे जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बदलता मौसम और मानसून के दौरान नमी सांस से जुड़ी संक्रमण वाली बीमारियों के प्रसार के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकती है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
जेपी नड्डा ने बुलाई हाईलेवल बैठक
दिल्ली में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में संक्रमण की मौजूदा स्थिति, निगरानी व्यवस्था और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
सांस संबंधी मरीजों की बढ़ी चिंता
H1N1 के बढ़ते मामलों के साथ सांस संबंधी दूसरी बीमारियों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और विभागाध्यक्ष समेत कुछ लोगों के H1N1 पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश फ्लू संक्रमण हल्के होते हैं, लेकिन कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। खासतौर पर सांस लेने में दिक्कत, ऑक्सीजन लेवल कम होना या लगातार तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है। हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, खांसते या छींकते समय सावधानी बरतना और बीमार होने पर दूसरों के संपर्क से बचना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
