धमतरी। गंगरेल मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच मिले शव के चर्चित हत्या मामले में धमतरी न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हत्या के दोषी आरोपी खुशवंत उर्फ खूबू साहू को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते अपने ही दोस्त बीरेंद्र देवांगन की हेलमेट से सिर पर वार कर हत्या कर दी थी। न्यायालय ने आरोपी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
लापता होने के बाद बरामद हुआ था शव
पुलिस के मुताबिक, 3 दिसंबर 2024 को बीरेंद्र देवांगन, निवासी पदमपुर, के लापता होने की रिपोर्ट थाना सिहावा में दर्ज कराई गई थी। इसी दिन मानव वन के आगे गंगरेल रोड किनारे एक लावारिस मोटरसाइकिल मिलने की सूचना पुलिस को मिली। जांच में बाइक की पहचान बीरेंद्र देवांगन की हुई, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी।
इसके तीन दिन बाद, 6 दिसंबर 2024 को मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। बाद में शव की पहचान बीरेंद्र देवांगन के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की परिस्थितियों से पुलिस को हत्या की आशंका हुई।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रूद्री पुलिस और साइबर टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। जांच के दौरान आरोपी खुशवंत उर्फ खूबू साहू (37 वर्ष), निवासी धनोरा, जिला दुर्ग की भूमिका सामने आई।
पुलिस पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की हत्या में संलिप्तता सामने आई। इसके बाद उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया।
कोर्ट ने सुनाई आजीवन सश्रम कारावास की सजा
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय के सामने CCTV फुटेज, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और गवाहों के बयान पेश किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश एवं द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, धमतरी ने 27 अगस्त 2026 को आरोपी को हत्या का दोषी ठहराया।
कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103(1) के तहत आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
प्रभावी जांच के लिए पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार
मामले के खुलासे और आरोपी को सजा दिलाने में पुलिस की तकनीकी जांच और साक्ष्य संकलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। धमतरी पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय द्वारा उत्कृष्ट विवेचना के लिए तत्कालीन रूद्री थाना प्रभारी उनि. अमित बघेल, उनि. लक्ष्मीकांत शुक्ला और सउनि. घनश्याम वर्मा को पुरस्कृत किया जाएगा।
पुलिस की मजबूत विवेचना, CCTV फुटेज और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या के इस मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा मिलने से न्यायिक कार्रवाई को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
