कवर्धा/रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत (नौगई गांव) में रेत उत्खनन विवाद को लेकर भाजपा नेता व पूर्व जनपद अध्यक्ष भरत सिंह (लल्ला सिंह) और उनके साथियों की फॉर्च्यूनर कार को घेरकर, पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाए जाने की क्रूर वारदात के बाद राज्य में आक्रोश चरम पर है। इस भीषण हत्याकांड के बाद अब छत्तीसगढ़ के न्याय तंत्र और कानूनी कार्रवाई के तरीके को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने इस मामले में सीधे उत्तर प्रदेश के ‘योगी मॉडल’ की तर्ज पर ‘बुलडोजर जस्टिस’ (त्वरित कार्रवाई) की मांग उठाकर सूबे की सियासत में नया मोड़ ला दिया है।
“अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए जमींदोज हों घर”
फेसबुक लाइव के जरिए समाज और सरकार को सख्त संदेश देते हुए वीरेंद्र सिंह तोमर ने दोटूक शब्दों में कहा कि अब छत्तीसगढ़ को सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं के सहारे नहीं छोड़ा जा सकता।
उन्होंने कहा:
“जिस बेरहमी और दुस्साहस के साथ हमारे समाज के स्वाभिमान और भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार की हत्या की गई है, उसका जवाब भी उतना ही खौफनाक होना चाहिए। अपराधियों के मन में कानून का डर बिठाने के लिए प्रशासन तुरंत उत्तर प्रदेश का मॉडल अपनाए और इस कांड में शामिल हत्यारों के घरों व अवैध ठिकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें मिट्टी में मिला दे।”
‘त्वरित न्याय’ (Instant Justice) की दरकार, पारंपरिक कानूनी प्रक्रिया पर अविश्वास
करणी सेना ने साफ कर दिया है कि समाज के भीतर का गुस्सा अब उस सीमा पर पहुंच चुका है जहां सालों साल चलने वाली अदालती और पुलिसिया कार्रवाई से लोग संतुष्ट नहीं होने वाले हैं। तोमर ने जोर देकर कहा कि इस वीभत्स कांड के लिए ‘त्वरित न्याय’ (Instant Justice) ही एकमात्र रास्ता है।
संगठन ने मांग की है कि:
स्पेशल एनकाउंटर की मांग: वारदात में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं का तत्काल पुलिस एनकाउंटर किया जाए।
बुलडोजर कार्रवाई: घटना के आरोपियों (जैसे अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी आदि) के रसूख और उनकी अवैध संपत्तियों पर सरकारी बुलडोजर गर्जे।
करणी सेना का ‘एक्शन प्लान’
🚨 मांग 1: आरोपियों के घरों पर 48 घंटे के भीतर बुलडोजर चले।
🚨 मांग 2: मामले की स्थानीय पुलिस के बजाय सीधे सीबीआई (CBI) जांच हो।
🚨 अल्टीमेटम: “न्याय दिलाबो, नई तो छत्तीसगढ़ बंद कराबो” – मांगें न मानने पर प्रदेशव्यापी चक्का जाम।
सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो में बोलते हुए वीरेंद्र सिंह तोमर
https://www.facebook.com/vstomarofficial/videos/2251411672361940
रेत माफिया और सफेदपोशों के साम्राज्य पर प्रहार की तैयारी
इस हत्याकांड की जड़ें सोनहत, कैलाशपुर और तेलीमुड़ा जैसे इलाकों में सक्रिय रेत माफिया और अवैध वसूली के सिंडिकेट से जुड़ी बताई जा रही हैं। करणी सेना का आरोप है कि आरोपियों के पीछे कई रसूखदार नेताओं और मंत्रियों का हाथ है, यही कारण है कि वे इतने बेखौफ हैं।
तोमर ने चेतावनी दी है कि यदि साय सरकार उत्तर प्रदेश की तरह अपराधियों के खिलाफ कड़ा और सख्त रुख नहीं अपनाती है, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत की अगुवाई में करणी सेना के हजारों कार्यकर्ता खुद सड़कों पर उतरकर ‘जनता की अदालत’ में इंसाफ की मांग करेंगे, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।
