29.2 C
Raipur
Saturday, July 25, 2026

भारत-जापान संबंधों को नई मजबूती: पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की मौजूदगी में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

Indiaभारत-जापान संबंधों को नई मजबूती: पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की मौजूदगी में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026। भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच कई अहम सहयोग समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाना है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने ताकाइची को अपनी “खूबसूरत छोटी बहन” बताते हुए कहा कि उनकी पहली भारत यात्रा दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि यह दौरा भारत-जापान संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित है भारत-जापान की साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि भरोसे, लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा रणनीतिक हितों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक मुक्त, सुरक्षित, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और जापान की साझेदारी क्षेत्रीय शांति, आर्थिक विकास और वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों का सहयोग न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक संदेश देता है।

AI और अत्याधुनिक तकनीक पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने AI के क्षेत्र में संयुक्त बयान जारी करते हुए अनुसंधान, नवाचार, प्रतिभा विकास और जिम्मेदार AI के विकास के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान की विश्वस्तरीय तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल क्षमता का संयोजन वैश्विक नवाचार को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश भविष्य की तकनीकों में मिलकर काम करेंगे, जिससे उद्योग, शिक्षा और स्टार्टअप क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सहमति

भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को भी नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र की पहली संयुक्त सह-विकास (Co-Development) परियोजना शुरू करने पर सहमति व्यक्त की। माना जा रहा है कि यह निर्णय दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को नई गति देगा।

रक्षा, समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास और रक्षा तकनीक के आदान-प्रदान को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मिलेगा नया आयाम

बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, हरित ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), डिजिटल कनेक्टिविटी और कौशल विकास जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और जापान आने वाले वर्षों में आर्थिक सहयोग को और व्यापक बनाएंगे।

पहली भारत यात्रा को बताया ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की यह पहली भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों के लिए ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस दौरे से भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊर्जा मिलेगी तथा दोनों देश भविष्य की चुनौतियों का मिलकर सामना करेंगे।

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles