श्रीनगर/नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सूबे के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को एक कानूनी नोटिस जारी किया है।
यह नोटिस उमर अब्दुल्ला द्वारा बीजेपी पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों को पैसे और मंत्री पद का लालच देकर तोड़ने के आरोपों के खिलाफ भेजा गया है। बीजेपी ने इसे पूरी तरह ‘झूठा और आधारहीन’ बताते हुए मुख्यमंत्री से 7 दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है। ऐसा न करने पर पार्टी ने ₹100 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी है।
क्या था सीएम उमर अब्दुल्ला का आरोप?
यह पूरा विवाद 11 जुलाई को श्रीनगर के हजरतबल में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद शुरू हुआ। वहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दावा किया था कि बीजेपी उनके विधायकों को तोड़ने और सरकार गिराने की कोशिश कर रही है।
उमर अब्दुल्ला ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि:
“सुप्रीम कोर्ट के एक वकील, जो बीजेपी के बड़े पदाधिकारी भी हैं, उन्होंने जम्मू क्षेत्र से नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक विधायक से बंद कमरे में मुलाकात की। उन्होंने हमारे विधायक को बीजेपी में शामिल होने के बदले ₹20 से ₹30 करोड़ रुपये नगद, सरकार में मंत्री पद और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने का प्रलोभन दिया।
“उन्होंने आगे कहा था कि उनके दल का कोई भी विधायक ₹30 करोड़ या ₹100 करोड़ में भी अपनी अंतरात्मा का सौदा नहीं करेगा।
बीजेपी ने नोटिस में क्या कहा?
जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत पॉल शर्मा की ओर से एडवोकेट परिमोक्ष सेठ ने यह कानूनी नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत, दुर्भावनापूर्ण और केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए लगाए गए हैं, जिससे भाजपा की सामाजिक और राजनीतिक छवि को भारी नुकसान पहुंचा है।
नोटिस के अनुसार:
- उमर अब्दुल्ला को 7 दिनों के भीतर अपने इन आरोपों को लिखित रूप में वापस लेना होगा।
- उन्हें मीडिया और जनता के सामने बिना शर्त माफी मांगनी होगी।
- यदि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर ऐसा नहीं करते हैं, तो बीजेपी उनके खिलाफ सक्षम अदालत में ₹100 करोड़ की दीवानी और आपराधिक मानहानि की कार्रवाई शुरू करेगी।
“नाकामी छिपाने के लिए झूठ का सहारा” – बीजेपी
इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने कहा कि उमर अब्दुल्ला सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं, वादों को पूरा न कर पाने और अपनी पार्टी के भीतर पनप रहे आंतरिक असंतोष से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की ‘मनगढ़ंत कहानियां’ गढ़ रही है। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस का कहना है कि वे बीजेपी की इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और समय आने पर उचित जवाब दिया जाएगा।
बता दें कि यह पूरा विवाद ऐसे समय में गहराया है जब नेशनल कॉन्फ्रेंस 20 जुलाई को जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है, जिसमें विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के कई बड़े नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
