नई दिल्ली, NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और देशभर में जारी छात्र आंदोलनों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। इस बदलाव को हाल के घटनाक्रमों के बीच सरकार के महत्वपूर्ण फैसले के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई।
NEET विवाद के बीच सरकार का बड़ा कदम
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर पिछले कई दिनों से देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस मुद्दे पर सरकार लगातार विपक्ष और छात्र संगठनों के निशाने पर रही। इसी बीच शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन ने इस पूरे घटनाक्रम को नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार अब परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए कई बड़े सुधारों पर काम करने की तैयारी में है।
प्रह्लाद जोशी का पहला बयान
कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें देश के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में से एक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने कहा,
“मैं इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्य भावना के साथ निभाऊंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत, पारदर्शी तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए पूरी क्षमता से कार्य करूंगा।”
जोशी ने कहा कि फिलहाल वे मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं और विभिन्न योजनाओं व विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। मंत्रालय की कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझने के बाद ही भविष्य की नई योजनाओं और सुधारों की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
NEP को आगे बढ़ाने पर रहेगा फोकस
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं। उनका प्रयास रहेगा कि इन सुधारों को और गति दी जाए तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता रहेंगे और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा तकनीक आधारित सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
