26.1 C
Raipur
Tuesday, September 8, 2026

ज्ञानेश्वरी यादव की ऐतिहासिक सफलता पर करणी सेना का सम्मान, वीरेंद्र सिंह तोमर बोले- बेटियों को मिलेगी नई दिशा

Chhattisgarhज्ञानेश्वरी यादव की ऐतिहासिक सफलता पर करणी सेना का सम्मान, वीरेंद्र सिंह तोमर बोले- बेटियों को मिलेगी नई दिशा

रायपुर: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव द्वारा रजत पदक जीतने पर पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। इस उपलब्धि पर क्षत्रिय करणी सेना, छत्तीसगढ़ ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ज्ञानेश्वरी और उनके परिवार को बधाई दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ज्ञानेश्वरी की सफलता राज्य की महिलाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी तथा उन्हें खेलों में आगे बढ़ने की नई दिशा मिलेगी।

वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि जैसे ही उन्हें ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि की जानकारी मिली, उन्होंने उनके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया। मंगलवार सुबह उनकी बातचीत ज्ञानेश्वरी के पिता विनोद यादव से हुई, जिसमें उन्होंने संगठन, प्रदेश और व्यक्तिगत रूप से रजत पदक जीतने की शुभकामनाएं दीं।

तोमर ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि स्वदेश लौटने पर क्षत्रिय करणी सेना की ओर से ज्ञानेश्वरी यादव का सम्मान किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ पुलिस में एएसआई हैं ज्ञानेश्वरी

ज्ञानेश्वरी यादव वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर राजनांदगांव में पदस्थ हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स की 53 किलोग्राम महिला वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाकर यह उपलब्धि हासिल की।

संघर्ष के बीच हासिल की बड़ी सफलता

ज्ञानेश्वरी के पिता विनोद यादव ने बताया कि परिवार ने कठिन परिस्थितियों में यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि इस खुशी के बीच परिवार एक व्यक्तिगत संकट से भी गुजर रहा है, क्योंकि ज्ञानेश्वरी के भाई रितेश यादव दुर्घटना में घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। इसी वजह से परिवार अभी उनकी उपलब्धि का जश्न नहीं मना पाया है।

उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी के स्वदेश लौटने के बाद पूरे परिवार और गांव के लोगों के साथ मिलकर उनकी इस ऐतिहासिक सफलता का उत्सव मनाया जाएगा। राजनांदगांव जिले के उनके पैतृक गांव भोड़िया में भी लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की है।

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles