पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के रावलाकोट में चुनाव के दौरान हुई हिंसा को लेकर एमनेस्टी इंटरनेशनल ने गंभीर चिंता जताई है। मानवाधिकार संगठन ने सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर कथित घातक बल प्रयोग की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल की कार्यवाहक दक्षिण एशिया क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने कहा कि रावलाकोट से सामने आ रही “चिंताजनक रिपोर्टें” जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान के अधिकारियों द्वारा कथित गैरकानूनी हिंसा के लंबे इतिहास की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं के बंद रहने से घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि में बाधा आ रही है, इसलिए संचार सेवाएं तत्काल बहाल की जाएं और मीडिया व स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को क्षेत्र में पहुंचने की अनुमति दी जाए।
एमनेस्टी ने जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर लगाए गए प्रतिबंध पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे चुनावी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हुआ है। संगठन ने पाकिस्तान से JAAC पर प्रतिबंध हटाने और आतंकवाद विरोधी कानूनों के कथित दुरुपयोग को रोकने की अपील की।
रिपोर्टों के अनुसार, रावलाकोट और अन्य इलाकों में प्रदर्शन के दौरान कई लोगों के हताहत होने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और स्वतंत्र पुष्टि अभी संभव नहीं हो सकी है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
