विज्ञान डेस्क: ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली पिंडों में ब्लैक होल (Black Hole) का नाम सबसे ऊपर आता है। ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) इतना असीमित और प्रचंड होता है कि इसके खिंचाव से प्रकाश (Light) भी बाहर नहीं निकल सकता। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर कोई इंसान अनजाने में किसी ब्लैक होल में गिर जाए, तो उसके साथ क्या होगा? भौतिक विज्ञान (Physics) के सिद्धांतों ने इसका एक बेहद खौफनाक और डरावना जवाब दिया है।
‘स्पैगेटीफिके: नूडल जैसा खिंच जाएगा शरीर
विज्ञान के अनुसार, जैसे ही कोई इंसान ब्लैक होल के करीब पहुँचेगा, उस पर टायडल फोर्स (Tidal Force) काम करना शुरू कर देगी।
- अगर इंसान पैरों के बल ब्लैक होल की तरफ गिरता है, तो उसके पैरों पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल सिर के मुकाबले कई अरब गुना ज्यादा होगा।
- इस भारी अंतर के कारण शरीर रबर की तरह खिंचने लगेगा और इंसान की आकृति एक लंबे नूडल या स्पैगेटी जैसी हो जाएगी।
- भौतिक विज्ञानी इस खौफनाक प्रक्रिया को आधिकारिक तौर पर ‘स्पैगेटीफिकेशन’ (Spaghettification) कहते हैं।
इवेंट हॉराइज: जहाँ से वापस लौटना असंभव है
ब्लैक होल की बाहरी सीमा को इवेंट हॉराइजन (Event Horizon) कहा जाता है। इसे ‘नो रिटर्न पॉइंट’ भी कहते हैं।
- एक बार जब कोई इंसान इस सीमा को पार कर लेता है, तो अंतरिक्ष का कोई भी नियम उसे वापस बाहर नहीं खींच सकता।
- बाहर की दुनिया में मौजूद किसी भी दर्शक के लिए, इवेंट हॉराइजन पार करने वाला इंसान धीरे-धीरे लाल रंग में बदलकर हमेशा के लिए गायब होता (Freeze होता) दिखेगा, क्योंकि वहाँ से आने वाली रोशनी की वेवलेंथ अत्यधिक खिंच जाती है।
समय की गति पड़ जाएगी धीमी
अल्बर्ट आइंस्टीन के ‘सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत’ (General Relativity) के अनुसार, अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण वाले क्षेत्र में समय धीमा पड़ जाता है।
- ब्लैक होल के अंदर गिरने वाले इंसान के लिए उसका खुद का समय सामान्य रूप से बीतेगा।
- लेकिन बाहर से देख रहे इंसान के लिए ब्लैक होल में गिर रहे व्यक्ति की हर गतिविधि बहुत धीमी नजर आएगी और समय लगभग रुक जाएगा।
अंत: ‘सिंगुलैरिटी’ में सब कुछ खत्म
इवेंट हॉराइजन को पार करने के बाद इंसान सीधे ब्लैक होल के केंद्र यानी ‘सिंगुलैरिटी’ (Singularity) की ओर बढ़ेगा। सिंगुलैरिटी एक ऐसा बिंदु है जहाँ अनंत द्रव्यमान (Infinite Mass) एक शून्य आयतन में जमा होता है। यहाँ पहुँचते ही इंसान का शरीर पूरी तरह से अपने परमाणुओं (Atoms) में टूटकर नष्ट हो जाएगा और ब्लैक होल का ही हिस्सा बन जाएगा।
वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्लैक होल की यात्रा सिर्फ एकतरफा है—वहाँ जाने के बाद वापसी या जीवित बचने की कोई संभावना नहीं रहती!
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
