नई दिल्ली, 3 अगस्त: केंद्र सरकार ने दावा किया है कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत संचालित ब्याज सब्सिडी योजना (Interest Subvention Scheme) किसानों के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रही है। सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत ब्याज सब्सिडी पर खर्च किए गए प्रत्येक ₹1 के बदले कृषि क्षेत्र में ₹2.30 का अतिरिक्त आर्थिक मूल्य उत्पन्न हो रहा है। सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों को सस्ती दरों पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।
सरकार के मुताबिक, किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को फसल उत्पादन, कृषि निवेश, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य संबद्ध गतिविधियों के लिए समय पर और कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को अतिरिक्त ब्याज प्रोत्साहन भी दिया जाता है, जिससे उनकी प्रभावी ब्याज दर और कम हो जाती है।
सरकार ने कहा कि ब्याज सब्सिडी योजना से किसानों की संस्थागत ऋण तक पहुंच बढ़ी है, जिससे साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है और कृषि में निवेश को बढ़ावा मिला है। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन क्षमता, आय और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है। सरकार का मानना है कि योजना का आर्थिक प्रभाव उसके वित्तीय खर्च से कहीं अधिक है और इससे कृषि क्षेत्र की उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सरकार के अनुसार, KCC योजना के तहत देशभर में करोड़ों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। हाल के वर्षों में योजना के दायरे का विस्तार किया गया है तथा ऋण सीमा बढ़ाने, डिजिटल प्रक्रियाओं को सरल बनाने और अधिक किसानों तक संस्थागत वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार का कहना है कि भविष्य में भी किसानों को सुलभ और किफायती ऋण उपलब्ध कराने के लिए इस योजना को और मजबूत किया जाएगा।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
