रायपुर/सरगुजा: छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सोमवार को सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित जी.आर.ए. स्कूल, जूनाडीह में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेकर हरित अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और विद्यार्थियों से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर जीवन की अमूल्य धरोहर बन सकता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया।
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जरूरी है जनभागीदारी
मंत्री ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाना होगा। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।
विद्यार्थियों से की विशेष अपील
राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी ताकत है। यदि प्रत्येक छात्र हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने, अनुशासित जीवन अपनाने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।
हरित वातावरण से मजबूत होगा प्राकृतिक संतुलन
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण से न केवल पर्यावरण सुरक्षित होता है, बल्कि जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है,
जल स्रोतों का संरक्षण होता है और प्राकृतिक संतुलन भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक अभियान भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने विद्यालय परिवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे शिक्षा के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण के संदेशवाहक बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
