रायपुर 31 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में बढ़ती महंगाई और चीनी की कीमतों में कथित बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुताबिक, 4 सितंबर 2026 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में एक दिवसीय ‘चीनी सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि शक्कर की बढ़ती कीमतों से आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
महापुरुषों की प्रतिमा के सामने होगा सत्याग्रह
कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, जिला मुख्यालयों में किसी महापुरुष की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह किया जाएगा। इस दौरान शक्कर की कीमतों में बढ़ोतरी और कथित कालाबाजारी के मुद्दे को लेकर विरोध जताया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार को आम जनता को महंगाई से राहत देने के साथ-साथ बाजार में चीनी की पर्याप्त और उचित कीमत पर उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रदेशभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भागीदारी
आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न अग्रिम संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में जिला मुख्यालयों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
एक महीने में चीनी के दाम बढ़ने का दावा
कांग्रेस का दावा है कि छत्तीसगढ़ के खुदरा बाजारों में पिछले करीब एक महीने के दौरान चीनी की कीमतों में 5 से 7 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। पार्टी का कहना है कि जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है।
महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
‘चीनी सत्याग्रह’ के जरिए कांग्रेस महंगाई के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य राजनीतिक विरोध के साथ-साथ आम जनता की आर्थिक परेशानियों को सामने लाना और चीनी की कीमतों पर नियंत्रण की मांग करना है।
अब देखना होगा कि 4 सितंबर को होने वाले कांग्रेस के ‘चीनी सत्याग्रह’ का राज्य की राजनीति पर कितना असर पड़ता है।
