नई दिल्ली |
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत देते हुए उनकी जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को चुनौती दी गई थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा अभियोजन एजेंसियों (ED और EOW/ACB) के खिलाफ की गई कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने (Expunge) का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत के आदेश में इस तरह की टिप्पणियां आवश्यक नहीं थीं।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठाया कि क्या केवल जमानत आदेश में तकनीकी या तर्क संबंधी कमी होने के आधार पर किसी आरोपी की जमानत रद्द की जा सकती है। अदालत ने संकेत दिया कि जमानत रद्द करने के लिए इससे कहीं अधिक ठोस आधार होना चाहिए।
चैतन्य बघेल पर कथित छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में जांच चल रही है। इससे पहले जनवरी 2026 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उन्हें दोनों मामलों में जमानत दी थी, जिसके खिलाफ ED और राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
